राज्य के राजस्व में कुशलतम वृद्धि के लिए वित्त (राजस्व) विभाग निरंतर प्रयत्नरत रहता है। इसके लिए एकीकृत राजस्व प्रबंधन तंत्र (Integrated Revenue Management System- IRMS) विकसित किया जा रहा है। यह एकीकृत राजस्व प्रबंधन तंत्र (IRMS) एक ओर एकीकृत वित्तीय प्रबंधन तंत्र (Integrated Financial Management System- IFMS) जुड़ा है, वहीं वह एकीकृत आबकारी प्रबंधन तंत्र (Integrated Excise Management System- IEMS) से भी जुड़ा है। इसके साथ ही वह वित्त विभाग के अन्तर्गत पंजीयन एवं मुद्रांक तथा जीएसटी-वाणिज्यिक कर से भी जुड़ा हुआ है। राजस्व अर्जन से सम्बन्धित अन्य विभागों को भी इसमें इंटीग्रेट किया गया है, जिसमें परिवहन विभाग तथा खान विभाग महत्वपूर्ण हैं।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रेवेन्यू रिसर्च एण्ड एनालिटिक्स फैसिलिटेशन (CoERRA):
माननीय मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार के बजट भाषण 2021-22 के अनुरूप राज्य के राजस्व के डेटा के समुचित विश्लेषण कर आवश्यक सुझाव देने के लिये वित्त (राजस्व) विभाग के अन्तर्गत CoERRA का गठन किया गया है। कार्य की दृष्टि से CoERRA में 5 टीमों का गठन किया गया हैः-
- Commodities A - Traded Goods, Excise, Vehicles
- Real Estate / Land / Infrastructure
- E-commerce / Finance / Banking
- Commodities B - Petrol / Diesel / N-Gas, LPG, Mining Ores
- Capacity Building / HR / Help Desk
इसके अतिरिक्त वित्त (राजस्व) विभाग के अन्तर्गत कर अनुसंधान प्रकोष्ठ (Tax Research Cell) का भी गठन किया हुआ है। राजस्व के नये आयामों के संधान तथा करापवंचन के निवारण के लिये राजस्थान राज्य आसूचना निदेशालय (State Directorate of Revenue Intelligence - SDRI) का भी गठन किया गया है, जिसका कार्यालय वित्त भवन के अन्तर्गत है।
टैक्स इण्डिया ऑनलाईन (TIOL) नेशनल टैक्सेशन अवार्ड्स 2022 - दो स्वर्ण पदक (Gold Awards)
राज्य सरकार वित्तीय क्षेत्र में अनुसंधान व नवाचार पर व्यापक बल देती है। इसी क्रम में टैक्स इण्डिया ऑनलाईन (TIOL) द्वारा नेशनल टैक्सेशन अवार्ड (TIOL Awards) वर्ष 2022 में (दिनांक 08.11.2022 को) वित्त (राजस्व) विभाग, राजस्थान सरकार को दो स्वर्ण पदक-गोल्ड पुरस्कार प्रदान किए गये हैं-
- कर प्रबंधन में सबसे अधिक सुधारवादी राज्य (Most Reformist State)
- एसजीएसटी / वैट कैटेगरी (SGST / VAT Category)
राज्य सरकार द्वारा आई.एफ.एम.एस. (IFMS) प्लेटफॉर्म पर नवाचार करते हुये प्रक्रियाओं का मानकीकरण एवं मानवीय हस्तक्षेप में कमी कर इसे और अधिक जन उपयोगी बनाया गया, जिससे भुगतान एवं राजस्व एकत्र करने में मदद मिली है तथा इसी प्रकार राज्य कर विभाग द्वारा जीएसटी कानून के करों की प्रभावी वसूली की गई। राज्य सरकार द्वारा वर्षों से लम्बित बकाया राशि के निष्पादन के लिये एमनेस्टी योजना-2021 एवं 2022 लाई गई । इसी क्रम में वर्ष 2022-23 के बजट में व्यवहारी सुविधा केन्द्र की स्थापना की गई है तथा जीएसटी कानून के तहत ई-वे बिल की सीमा बढाकर व्यवहारियों को राहत प्रदान की गई है।
वित्त (राजस्व) विभाग द्वारा उद्योग विभाग के समन्वय से राजस्थान निवेश प्रोत्साहन नीति (Rajasthan Investment Promotion Policy- RIPS) सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के समन्वय से सामाजिक सुरक्षा प्रोत्साहन नीति (Social Security Investment Promotion Policy- SSIPS) का भी निर्माण किया जाता है। आदिनांक तक वर्ष 2003, 2010, 2014, 2019 तथा 2022 में राजस्थान निवेश प्रोत्साहन नीति (RIPS) जारी की गई। सामाजिक सुरक्षा प्रोत्साहन नीति (SSIPS) वर्ष 2021 में जारी की गई।